7. दुर्गा पूजा का तांत्रिक और मां दुर्गा का रौद्र रूप (The Durga Puja Sacrifice)
कोलकाता का दुर्गा पूजा फेस्टिवल बेहद सुंदर होता है, लेकिन इसी दौरान कई डरावनी घटनाएं भी घटती हैं। यह real horror story विक्रांत (बदला हुआ नाम) की है, जो एक पैसे के लालची आदमी था और छोटे बच्चों की ह्यूमन ट्रैफिकिंग करता था। वह तांत्रिकों को भी बच्चे बेच देता था, ताकि हर बलि पे मां दुर्गा उसे और आशीर्वाद दे।
एक दुर्गा पूजा के दौरान, जब विक्रांत पंडाल गया और उसने मां दुर्गा की मूर्ति देखी, तो उसे लगा कि जैसे मूर्ति की आँखें हिली हुई और उसकी तरफ देख रही हों। उसे लगा कि उसने शराब थोड़ी ज्यादा ही पी ली है।
अगली बार जब वो पंडाल जा रहा था, तो उसे एक छोटी सी लड़की दिखी। उसने उस लड़की का हाथ पकड़ लिया, पर जैसे ही लड़की मुड़ी, Vikrant बुरी तरह घबरा गया और पीछे गिर पड़ा। वो लड़की पलक झपकते ही गायब हो गई। विक्रांत डर के मारे घर में दुबक गया।
महादशमी वाले दिन Vikrant शराब पी के लेटा था। अचानक उसे एक आवाज आई, “पापा… पापा…”
विक्रांत ने साल भर पहले पैसे के लालच में अपनी बेटी की बलि चढ़ा दी थी! शीशे में उसकी बेटी के जलने का दृश्य उसे अपनी आंखों के सामने दिखने लगा। Vikrant डर के मारे घर से बाहर निकल गया।
बाहर लोग ढोल पर नाच रहे थे। विक्रांत भागता रहा, लेकिन हर पंडाल में उसे वो हर बच्चा दिख रहा था जिसे Vikrant ने मार डाला था! वो सब बच्चे उसकी तरफ आने लगे।
भागते-भागते वो मां दुर्गा की एक मूर्ति के नीचे गिर गया। उसे उस मूर्ति में उसकी बेटी दुर्गा के रौद्र अवतार में दिखी और देखते ही देखते दुर्गा ने वो त्रिशूल उसके सीने से आर-पार कर दिया! Vikrant की मौत हो गई।
कुछ ही घंटों बाद वो तांत्रिक भी ऐसे ही मरा हुआ पड़ा मिला। मां दुर्गा की मूर्ति का त्रिशूल उसके आर-पार था। यह दुर्गा पूजा के दौरान घटी एक खौफनाक real horror story है।





